"आज इतने सारे गुलाब क्यों ?"
"अरे शर्मा जी अपनी वाइफ के लिए ले रहे थे । तो मैंने भी ले लिए । वैसे आज कुछ है क्या?
"हाँ, आज वैलेंटाइन्स डे है । "
"अरे वाह, बहुत अपडेटेड रहने लगी हो आजकल"
"वो सब छोड़िये, कितने के लिए फूल पहले ये बताइये"
"क्यों? आज भी मुझसे लड़ोगी की मेहेंगे ले आया? "
"उसमे नयी बात क्या है? 25 साल हो गए साथ रहते पर आपको बार्गेनिंग नहीं आई । "
"या खुद हर बार की तरह गिफ्ट लेना भूल गयी इसलिए बात बदल रही हो ?"
"बताइये न कितने के लिए?"
"15 रूपए का एक । लो हार गया मैं, अब खुश?"
"ये कैसे ! मैं तो 30 रूपए का एक लेकर आई ?"
"क्या? हाहाहा !!"
"हँस क्यों रहे हैं आप? मैं हार गयी इसलिए?"
"नहीं बेवकूफ, मैं हार गया इसलिए"
"अरे शर्मा जी अपनी वाइफ के लिए ले रहे थे । तो मैंने भी ले लिए । वैसे आज कुछ है क्या?
"हाँ, आज वैलेंटाइन्स डे है । "
"अरे वाह, बहुत अपडेटेड रहने लगी हो आजकल"
"वो सब छोड़िये, कितने के लिए फूल पहले ये बताइये"
"क्यों? आज भी मुझसे लड़ोगी की मेहेंगे ले आया? "
"उसमे नयी बात क्या है? 25 साल हो गए साथ रहते पर आपको बार्गेनिंग नहीं आई । "
"या खुद हर बार की तरह गिफ्ट लेना भूल गयी इसलिए बात बदल रही हो ?"
"बताइये न कितने के लिए?"
"15 रूपए का एक । लो हार गया मैं, अब खुश?"
"ये कैसे ! मैं तो 30 रूपए का एक लेकर आई ?"
"क्या? हाहाहा !!"
"हँस क्यों रहे हैं आप? मैं हार गयी इसलिए?"
"नहीं बेवकूफ, मैं हार गया इसलिए"
एक प्रेम ऐसा भी...
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