ट्रैफिक जैम की वजह से रोहित परेशान होने लगा था । बारिश ने रास्ता और ख़राब कर दिया था । महीनो तक फेसबुक पर एक दूसरे को जानने के बाद आज पहली बार रोहित और रिया मिलने वाले थे । शायद उनकी मुलाकात और रूमानी बनाने के लिए ही आज बिन मौसम बरसात हो रही थी । उन दोनों ने वैसे तो 11 बजे मिलना तय किया था पर मौसम और ट्रैफिक ने समय पर मिलना मुश्किल कर दिया था । ऊपर से रोहित का काम जो खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था ।
इधर रिया अपने दोस्तों को ये बताने से बच रही थी के वो अचानक इतनी बारिश में क्लास छोड़ कर कहा जाना चाहती है । पर उसके चेहरे की हँसी उसके बनाये बहाने के साथ 'फिट' नहीं हो रही थी । बहुत देर तक अपने दोस्तों के सवालों से बचने के बाद उसने आखिर बता ही दिया के वो आज रोहित से मिलने जा रही है । पर अब उससे इंतज़ार नहीं हो रहा था । 11 से 1 बज गए थे और अभी तक रोहित का कोई मैसेज नहीं आया था । उसका ध्यान पढाई से कब का जा चूका था । क्लास की आखिरी बेंच पर बैठ कर वो कभी अपना फ़ोन, तो कभी तेज़ होती बारिश देख रही थी ।
रोहित जल्दी से जल्दी अपना काम ख़त्म कर के रिया के कॉलेज जाने के लिए ऑटो में बैठ गया । ट्रैफिक और बारिश ने रोहित का मूड ख़राब कर दिया था । उसे महसूस हो रहा था की आने वाला दिन भी बुरा ही होगा, उसे लगने लगा था की अगर आज वो रिया से मिला तो कुछ भी वैसा नहीं होगा जैसा उसने सोचा था । शायद इतनी देर तक कोशिश करने के बाद भी अपना काम ख़त्म न कर पाने की खिज ने उसे सुस्त कर दिया था । अचानक उसे अपना रिया से मिलने का फैसला भी गलत लगने लगा था । क्या पता उसने रिया के बारे में जैसा सोचा था वो वैसी होगी भी या नहीं । बात करने से तो सीधी और सुलझी हुई लगती है पर ऐसा ज़रूरी तो नहीं की असलियत भी वैसी ही हो । फिर उसने उसे आज तक देखा भी तो नहीं था । न कोई मुलाकात और ना हीं कोई तस्वीर । क्या होगा अगर इस बार भी दिल ने उसे धोखा दिया , अगर इस बार भी हकीकत उसके ख्वाबों की तरह हसीं न हुई । रोहित ने तय कर लिया था की वो रिया को मैसेज कर के नहीं बुलाएगा । वैसे भी बारिश अभी तक रुकी नहीं थी और तय समय कब का बीत चूका था । उसे यकीन था की रिया अब तक घर जा चुकी होगी ।
रोहित का ऑटो रिया के कॉलेज के पास पहुंच चुका था । रोहित ने बाहर की तरफ देखा पर उसे कोई नहीं दिखा । शायद सब जा चुके थे। शाम भी तो हो चुकी थी । वैसे तो उसे यकीन था कि रिया जा चुकी होगी पर फिर भी उसका दिल ये उम्मीद कर रहा था की काश उसकी एक झलक देख पता । अचानक उसकी नज़र एक लड़की पर पड़ी जो कॉलेज की बगल वाली गली के सामने खड़ी थी । उसने हरे रंग का सूट पहन रखा था, बाल खुले थे और हाथ में बड़ा सा बैग था । बारिश में पूरी तरह भीगी हुई जाने वो किसका इंतज़ार कर रही थी । रोहित का दिल तेज़ धड़कने लगा, उसने ऑटो को रुकने को कहा और जल्दी से उसे पैसे दिये। पर उसे अभी तक यकीन नहीं था की ये लड़की रिया ही है । वो जल्दी जल्दी रोड क्रॉस करने लगा । पर ट्रैफिक की वजह से इतनी छोटी सी सड़क भी आज इतनी चौड़ी लग रही थी । जैसे जैसे वो उस लड़की के नज़दीक आ रहा था वैसे वैसे उसकी खूबसूरती से रूबरू होता जा रहा था । उसे और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था । बस वो और वो लड़की ।
अब रोहित सड़क के इस पार था । उस लड़की के पास जाने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी । ऊपर से उसे पता भी तो नहीं था की ये लड़की रिया है या कोई और । कुछ देर तक उस लड़की को बेचैन होता देखने के बाद उसने रिया को कॉल करने का सोचा । शायद ये दूसरी बार ही होगा जब रोहित रिया को कॉल करने वाला था । उसने जल्दी से फ़ोन में रिया का नाम ढूंढा और कॉल बटन दबाया । रिंग जाने की आवाज़ सुन कर रोहित की साँसे और तेज़ हो गयी । उसने उस भीड़ वाली सड़क पर बचते बचते, इतने सरे लोगों के बीच उस लड़की को देखा ।
और उसे देखते ही दिल खो बैठा । पल भर में सब कुछ शांत हो गया, जैसे आस पास सब ठहर गया हो । कदम थम गए, साँसे जम गयी और दिल... उसका तो पता नहीं । दिल अब अपने पास कहाँ बचा था ।
वो पहली बार सपनो को हकीकत में बदलते देख रहा था ।
इधर रिया अपने दोस्तों को ये बताने से बच रही थी के वो अचानक इतनी बारिश में क्लास छोड़ कर कहा जाना चाहती है । पर उसके चेहरे की हँसी उसके बनाये बहाने के साथ 'फिट' नहीं हो रही थी । बहुत देर तक अपने दोस्तों के सवालों से बचने के बाद उसने आखिर बता ही दिया के वो आज रोहित से मिलने जा रही है । पर अब उससे इंतज़ार नहीं हो रहा था । 11 से 1 बज गए थे और अभी तक रोहित का कोई मैसेज नहीं आया था । उसका ध्यान पढाई से कब का जा चूका था । क्लास की आखिरी बेंच पर बैठ कर वो कभी अपना फ़ोन, तो कभी तेज़ होती बारिश देख रही थी ।
रोहित जल्दी से जल्दी अपना काम ख़त्म कर के रिया के कॉलेज जाने के लिए ऑटो में बैठ गया । ट्रैफिक और बारिश ने रोहित का मूड ख़राब कर दिया था । उसे महसूस हो रहा था की आने वाला दिन भी बुरा ही होगा, उसे लगने लगा था की अगर आज वो रिया से मिला तो कुछ भी वैसा नहीं होगा जैसा उसने सोचा था । शायद इतनी देर तक कोशिश करने के बाद भी अपना काम ख़त्म न कर पाने की खिज ने उसे सुस्त कर दिया था । अचानक उसे अपना रिया से मिलने का फैसला भी गलत लगने लगा था । क्या पता उसने रिया के बारे में जैसा सोचा था वो वैसी होगी भी या नहीं । बात करने से तो सीधी और सुलझी हुई लगती है पर ऐसा ज़रूरी तो नहीं की असलियत भी वैसी ही हो । फिर उसने उसे आज तक देखा भी तो नहीं था । न कोई मुलाकात और ना हीं कोई तस्वीर । क्या होगा अगर इस बार भी दिल ने उसे धोखा दिया , अगर इस बार भी हकीकत उसके ख्वाबों की तरह हसीं न हुई । रोहित ने तय कर लिया था की वो रिया को मैसेज कर के नहीं बुलाएगा । वैसे भी बारिश अभी तक रुकी नहीं थी और तय समय कब का बीत चूका था । उसे यकीन था की रिया अब तक घर जा चुकी होगी ।
रोहित का ऑटो रिया के कॉलेज के पास पहुंच चुका था । रोहित ने बाहर की तरफ देखा पर उसे कोई नहीं दिखा । शायद सब जा चुके थे। शाम भी तो हो चुकी थी । वैसे तो उसे यकीन था कि रिया जा चुकी होगी पर फिर भी उसका दिल ये उम्मीद कर रहा था की काश उसकी एक झलक देख पता । अचानक उसकी नज़र एक लड़की पर पड़ी जो कॉलेज की बगल वाली गली के सामने खड़ी थी । उसने हरे रंग का सूट पहन रखा था, बाल खुले थे और हाथ में बड़ा सा बैग था । बारिश में पूरी तरह भीगी हुई जाने वो किसका इंतज़ार कर रही थी । रोहित का दिल तेज़ धड़कने लगा, उसने ऑटो को रुकने को कहा और जल्दी से उसे पैसे दिये। पर उसे अभी तक यकीन नहीं था की ये लड़की रिया ही है । वो जल्दी जल्दी रोड क्रॉस करने लगा । पर ट्रैफिक की वजह से इतनी छोटी सी सड़क भी आज इतनी चौड़ी लग रही थी । जैसे जैसे वो उस लड़की के नज़दीक आ रहा था वैसे वैसे उसकी खूबसूरती से रूबरू होता जा रहा था । उसे और कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था । बस वो और वो लड़की ।
अब रोहित सड़क के इस पार था । उस लड़की के पास जाने की उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी । ऊपर से उसे पता भी तो नहीं था की ये लड़की रिया है या कोई और । कुछ देर तक उस लड़की को बेचैन होता देखने के बाद उसने रिया को कॉल करने का सोचा । शायद ये दूसरी बार ही होगा जब रोहित रिया को कॉल करने वाला था । उसने जल्दी से फ़ोन में रिया का नाम ढूंढा और कॉल बटन दबाया । रिंग जाने की आवाज़ सुन कर रोहित की साँसे और तेज़ हो गयी । उसने उस भीड़ वाली सड़क पर बचते बचते, इतने सरे लोगों के बीच उस लड़की को देखा ।
और उसे देखते ही दिल खो बैठा । पल भर में सब कुछ शांत हो गया, जैसे आस पास सब ठहर गया हो । कदम थम गए, साँसे जम गयी और दिल... उसका तो पता नहीं । दिल अब अपने पास कहाँ बचा था ।
वो पहली बार सपनो को हकीकत में बदलते देख रहा था ।
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